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प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा में भीलवाड़ा का दबदबा, डॉ. वर्षा सिंह को बड़ी जिम्मेदारी
By Lokjeewan Daily - 13-04-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन. राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर ने प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने अधिनियम-2005 के अंतर्गत प्रदत्त अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए चिकित्सा संकाय के लिए तदर्थ अध्ययन मंडल' (एडहॉक बोर्ड ऑफ स्टडीज) का गठन किया है। इस घोषणा में सबसे खास बात यह है कि भीलवाड़ा के राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. वर्षा सिंह को स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए इस मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के अनुसार, यह नियुक्तियां आगामी दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेंगी। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए पृथक-पृथक दलों का चयन किया गया है। जहाँ स्नातक स्तर के चिकित्सा पाठ्यक्रम की बागडोर डॉ. वर्षा सिंह संभालेंगी, वहीं स्नातकोत्तर क्लिनिकल और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के लिए डॉ. विनोद जोशी को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. वर्षा सिंह के नेतृत्व में गठित इस दल में प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे राजसमंद, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, टोंक और करौली के चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बतौर सदस्य सम्मिलित किया गया है। साथ ही जयपुर, दिल्ली और अलवर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को भी इस मंडल में स्थान मिला है। भीलवाड़ा के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि डॉ. वर्षा सिंह अब प्रदेशभर के चिकित्सा छात्रों के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण, शैक्षणिक सुधार और नीतियों के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंडल के गठन से चिकित्सा जगत में एक सकारात्मक बदलाव आएगा और विद्यार्थियों को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। विश्वविद्यालय के इस निर्णय को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें डॉ. वर्षा सिंह का मार्गदर्शन और नेतृत्व प्रदेश के भविष्य के चिकित्सकों को नई दिशा प्रदान करेगा।

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