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हमीरगढ़ में मौत की 'ढलान': बेकाबू होकर पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, पोल ने रोका 'यमराज' का रास्ता
By Lokjeewan Daily - 13-04-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन।  हमीरगढ़ की पहाड़ियों पर उस वक्त कोहराम मच गया, जब सामान से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर ढलान पर ताश के पत्तों की तरह पलट गई। यह तो गनीमत रही कि 'जाको राखे साइयां मार सके न कोय' की तर्ज पर बीच में बिजली का खंभा आ गया, जिसने ढलान पर सरकती मौत की रफ्तार को थाम लिया। अगर पोल नहीं होता तो ट्रॉली सीधे नीचे रिहायशी इलाके में जा घुसती और बड़ा नरसंहार हो सकता था। जानकारी के अनुसार, कस्बे के एक परिवार में बीती रात 'रातिजगा' का मांगलिक आयोजन था।  दोपहर मे कार्यक्रम का सामान समेटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से वापस लाया जा रहा था। चलाणिया भैरू नाथ मंदिर की खड़ी ढलान उतरते समय अचानक चालक नियंत्रण खो बैठा। ढलान पर ट्रैक्टर काल बनकर दौड़ने लगा। खुद को मौत के करीब देख चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बेकाबू ट्रॉली सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोल उखड़कर धराशायी हो गया। पोल गिरने से इलाके में करंट फैलने की आशंका पैदा हो गई थी, लेकिन ग्रामीणों की सूचना पर बिजली विभाग ने तत्काल फीडर बंद कर क्षेत्र की सप्लाई काट दी। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और ग्रामीणों ने अपनी मदद से मार्ग पर बिखरा मलबा हटाकर यातायात सुचारू करवाया।हमीरगढ़ पहाड़ी मार्ग पर यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। अगर आज वह पोल नहीं होता, तो कई घर तबाह हो सकते थे। ढलान वाले रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रशासन के पास कोई ठोस गाइडलाइन नहीं है। क्षेत्र वासियों की मांग है कि खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर मजबूत 'क्रैश बैरियर' लगाए जाएं। रिहायशी इलाकों की ओर उतरने वाले मार्गों पर भारी वाहनों की नो-एंट्री या सख्त गति सीमा तय हो।

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