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महिला आरक्षण का जिसने विरोध किया, महिलाओं ने उसका बुरा हाल किया : पीएम
By Lokjeewan Daily - 16-04-2026

नई दिल्ली । महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में संबोधन के दौरान कहा कि आज सुबह से चर्चा शुरू हुई है। जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं। उस समय समाज की मनोस्थिति और नेतृत्व की क्षमता उस पल को कैप्चर करके एक राष्ट्र की अमानत बना देती है, एक मजबूत धरोहर तैयार कर देती है। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह वैसा ही पल है। आवश्यकता तो ये थी कि 25-30 वर्ष पहले जब आवश्यकता महसूस हुई तो हम इसको लागू कर देते और काफी परिपक्वता तक पहुंचा देते, आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर सुधार भी होते। यही लोकतंत्र की ड्यूटी होती है। हमारी हजारों वर्ष की लोकतंत्र की विकास यात्रा रही है। विकास यात्रा में नया आयाम जोड़ने का शुभ अवसर सदन के सभी साथियों को मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि हमें ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति निर्धारण की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का सौभाग्य मिल रहा है। मैं चाहता हूं कि सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें। हम सब मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं। हमारी शासन व्यवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने के लिए जा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला है।
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत, एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विश्व में भी आज भारत की स्वीकृति हम सब महसूस कर रहे हैं। ये हम सब के लिए गौरव का पल है। यह समय हमारे पास आया है। इस समय को हमने एक 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ जोड़ा है। मैं मानता हूं कि केवल उत्तम प्रकार के रेल, रास्ते, इंफ्रास्ट्रक्चर या कुछ आर्थिक प्रगति के आंकड़े से ही 'विकसित भारत' की सीमित कल्पना वाले हम लोग नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि 'विकसित भारत', जिसके नीति निर्धारण में 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र समाहित है, देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या नीति निर्धारण का हिस्सा बने। यह समय की मांग है। हम पहले ही देरी कर चुके हैं। देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई है और उसके बाद जब-जब चुनाव आए हैं, हर चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है। उनका हाल बुरे से बुरा किया है।

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